भारत और जापान का गोल्डन चैप्टर: 10 साल का सहयोग, निवेश और रणनीतिक साझेदारी

TOKYO, JAPAN - SEPTEMBER 27: Indian Prime Minister Narendra Modi, left, poses for a photo with Japanese Prime Minister Fumio Kishida before their meeting at Akasaka Palace state guest house on September 27, 2022 at the Akasaka State Guest House in Tokyo, Japan. Dignitaries including several current and former heads of state are visiting Japan for the state funeral of former prime minister Shinzo Abe, which will be held on Tuesday. Abe was assassinated in July while campaigning on a street. (Photo by Hiro Komae - Pool/Getty Images)

भारत और जापान का गोल्डन चैप्टर: 10 साल का सहयोग, निवेश और रणनीतिक साझेदारी

भारत और जापान ने मिलकर लिखा ‘गोल्डन चैप्टर’

भारत और जापान ने मिलकर “गोल्डन चैप्टर” लॉन्च किया। जानिए 10 साल के निवेश, सुरक्षा, तकनीक, शिक्षा और QUAD सहयोग का रोडमैप और इसका भारत पर प्रभाव।

भारत और जापान के बीच संबंध हमेशा से मजबूत और रणनीतिक रहे हैं। हाल ही में, 29 अगस्त 2025 को टोक्यो में आयोजित 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने “गोल्डन चैप्टर” की घोषणा की। यह 10 साल का रोडमैप दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने मिलकर इस ऐतिहासिक साझेदारी की औपचारिक घोषणा की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने मिलकर इस विशेष साझेदारी को औपचारिक रूप दिया। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि यह “गोल्डन चैप्टर” किस प्रकार भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

🔑 प्रमुख पहलू

भारत और जापान का गोल्डन चैप्टर
Japanese Prime Minister Shinzo Abe (L) and Indian Prime Minister Narendra Modi listens to a speaker during the India-Japan Buissness Plenary session at the India-Japan Annual summit at Mahatama Mandir convention center in Gandhinagar on September 14, 2017.
Japan’s Prime Minister Abe on September 14 inaugurated India’s first bullet train project — a $19 billion line in the home state of Indian leader Modi intended to revitalise the country’s vast but dilapidated network. / AFP PHOTO / PRAKASH SINGH (Photo credit should read PRAKASH SINGH/AFP via Getty Images)

1. 10 ट्रिलियन येन का निवेश

जापान अगले 10 वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन (लगभग 68 अरब डॉलर) का निवेश करेगा। यह निवेश मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में होगा:

  • हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स
  • बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क
  • विमानन और शिपबिल्डिंग उद्योग

प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “Make in India, Make for the World” अभियान के तहत महत्वपूर्ण कदम बताया।

2. सुरक्षा और रक्षा सहयोग

भारत और जापान ने सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया। इसमें शामिल हैं:

  • साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग
  • रक्षा उद्योग अनुसंधान और विकास
  • राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच नियमित संवाद

यह साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता और सामरिक क्षमता को मजबूत करेगी।

3. तकनीक और नवाचार

तकनीकी सहयोग के तहत भारत और जापान ने सहमति जताई:

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
  • अंतरिक्ष अनुसंधान और उपग्रह प्रौद्योगिकी
  • स्वच्छ ऊर्जा और हरित तकनीक
  • डिजिटल और स्मार्ट शहर प्रौद्योगिकी

यह पहल नवाचार और तकनीकी हस्तांतरण को बढ़ावा देगी।

4. मानव संसाधन और शिक्षा

दोनों देशों ने अगले 5 साल में 5 लाख छात्रों और पेशेवरों का आदान-प्रदान करने का लक्ष्य रखा।

  • जापान में प्रशिक्षण और कौशल विकास
  • भारत में जापानी विशेषज्ञों का प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • रोजगार और कौशल विकास के वैश्विक अवसर

5. QUAD गठबंधन और कूटनीति

भारत और जापान ने QUAD गठबंधन के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की। यह गठबंधन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मुक्त, खुले और नियम-आधारित वातावरण सुनिश्चित करता है।

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री इशिबा ने टोक्यो से सेंडाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी की। इस दौरान:

  • भारतीय लोकोमोटिव पायलटों से मुलाकात
  • टोक्यो स्काईट्री को भारतीय ध्वज के रंगों में रोशन करना

4. मानव संसाधन और शिक्षा

मानव संसाधन के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। इसके अंतर्गत:

  • अगले पांच वर्षों में 5 लाख छात्रों और पेशेवरों का आदान-प्रदान
  • जापान में भारतीय युवाओं को प्रशिक्षण और कौशल विकास
  • जापानी विशेषज्ञों का भारत में शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम

यह कदम दोनों देशों के युवाओं के लिए वैश्विक अवसर खोलेगा और रोजगार व कौशल विकास में योगदान देगा।

🌐 सांस्कृतिक और कूटनीतिक पहल

GANDHINAGAR, INDIA – SEPTEMBER 14: Japanese Prime Minister Shinzo Abe and Indian Prime Minister Narendra Modi shake hands after a joint press conference following their summit meeting on September 14, 2017 in Gandhinagar, India. Abe is on 2-day tour in India. (Photo by The Asahi Shimbun via Getty Images)

प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री इशिबा ने टोक्यो से सेंडाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी की। इस दौरान:

  • भारतीय लोकोमोटिव पायलटों से मुलाकात
  • टोक्यो स्काईट्री को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में रोशन करना
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान और व्यापारिक अवसरों की समीक्षा

ये पहल दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक हैं।

📊 आर्थिक और सामाजिक लाभ

भारत और जापान का गोल्डन चैप्टर
GANDHINAGAR, INDIA – SEPTEMBER 14: Indian Prime Minister Narendra Modi and Japanese Prime Minister Shinzo Abe during India-Japan Annual Summit at Mahatma Mandir on September 14, 2017 in Gandhinagar in Gujarat, India. Prime Minister Narendra Modi and his Japanese counterpart Shinzo Abe on Thursday laid the foundation of India’s first high speed rail project, linking country’s commercial capital Mumbai to Ahmedabad, the main city in Modi’s home state Gujarat. The two countries also inked 15 agreements, including one to give a fillip to India’s Act East policy by enhancing connectivity and developmental projects in India’s northeast, and for more flights between the two countries. (Photo by Siddharaj Solanki/Hindustan Times via Getty Images)
  • रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
  • यातायात और व्यापार में सुधार
  • युवा जनसंख्या के कौशल विकास
  • क्षेत्रीय सुरक्षा और सामरिक शक्ति में वृद्धि

भविष्य का परिदृश्य

क्षेत्र संभावित लाभ
टेक्नोलॉजी AI, Space, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में तकनीकी उन्नति
रक्षा सामरिक और सामुद्रिक शक्ति और साझा प्रशिक्षण
ऊर्जा क्लीन ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साझा विकास
उद्योग स्टार्टअप्स और SMEs के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच
मानव संसाधन स्किलिंग और रोजगार के अवसरों का आदान-प्रदान
वैश्विक राजनीति चीन और अमेरिका के प्रभाव के बीच संतुलन

💡 निष्कर्ष

“गोल्डन चैप्टर” भारत और जापान के बीच नई रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत है। यह न केवल आर्थिक बल्कि सांस्कृतिक, तकनीकी और सुरक्षा क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इसे इतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि यह 10 साल का रोडमैप दोनों देशों के संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

https://www.dailyupdateindia.com/bharat-japan-golden-chapter-10-year-collaboration

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